Tumhara Shadi ka joda dekhna hai Poetry by Jha Sahab | Sad poetry in hindi

Tumhari Shadi ka joda dekhna hai Poetry by - Amritesh Jha | Sad poetry in hindi


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यह आखिरी मुलाकात है तो तुमको जी भर कर देखेंगे

दिल तुम्हें रुकना चाहेगा पर हम किस हक से रोकेंगे तुम्हें

तुम्हारे बाद फिर कहां किसी की हसरत रहेगी 

खामखा उम्र भर मोहब्बत से नफरत रही है

खैर तुम्हें जाना है तो जाओ हम दुहाई नहीं देंगे 

तुम्हारी शादी में आएंगे लेकिन तुम्हें बधाई नहीं देंगे

Ye aakhri mulakath hai tho tumko ji bhar kre dekhenge dil tumhe rokna chahega pr hm kise hm se rokenge thumhe tumhare baad fir kha kise ki hsrath rhegi 

Khamkha omrah bhar ishq se nafrat rhegi 

Kher thumhe jana hai tho jao hm duhai nhi denge 

Tumhare shadi mai aayenge leken tumhe bdhai nhi denge 


तुम्हारी मेहंदी का रंग तुम्हारी शादी का जोड़ा देखना है

मुझे बड़े करीब से वह तुम्हारा साथ वा फेरा देखना है

शहनाई के स्वर में तुम्हें और कुछ सुनाई नहीं देगा

मेरा दिल रोएगा मेरेआंसू तुम्हें दिखाई नहीं देंगे 

किसी ने मेरे आंसुओं की वजह पूछी तो

यह जिक्र तुम्हारा करेंगे 

Tumhari mehndi ka rang tumhari shadi ka joda dekhna hai 

Muge bde krib se vh tumhara sathva fera dekhna hai 

Shanai k swar mai tumhe or kuch sunai nhi dega 

Mera dil royega mere aaso tumhe dekhi nhi deg 

Kise ne mere aansuo ki vjh puchi tho 

Yh zikrh tumhara krega 


क्योंकि तुम्हारा झुमका अब किसी और को इशारा करेगा

जब मुझसे नजरें मिलाओगे तुम तो क्या मुझे रोता देखकर मुस्कुराओगी तुम

लेकिन अपनी आंखों में आंसू तुम बचाए रखना

उसका नाम तुम अपनी मेहंदी में छुपाए रखना

तुम्हें आखरी दफा देखने का वह लम्हा भी गुजर जाएगा

मेरा रंग तो तुम्हारी हल्दी से उतर जाएगा ..२

मैं अकेला तुम्हारे आसपास शहजादिया होगी

बारात आएगी गली में आतिशबाजी होगी

Kyoki tumhara zumka ab kise or ko ishara krega 

Jb mujse najre milaoge thum tho kya muge rotha dekh muskuraoge thum 

Lekin apni aakho mai aasu thum bachaye rakhna 

Oska name apni mehndi mai chupaye rakhna 

Tumhe aakri dfa dekhne ka vh lamha bhi gujar jayega 

Mai akela or tumhare aas pass sahjadiya hogi 

Barath aayegi gli mai Aatishbaji hogi 



मुझे दूल्हे की शेरवानी और उसका सेहरा देखना है

जिसने मेरी मोहब्बत छीनी उसका चेहरा देखना है

तुम्हारी खुशी के लिए मैं उसके साथ नाचूंगा

मेरा वादा है मैं तुम्हारी बारात में नाचूंगा

उसका हाथ पकड़कर मैं तुम्हारे हाथों में दूंगा

इससे बढ़कर मैं तुमको और क्या तोहफा दूंगा

जब तुम्हारा इश्क मुकम्मल और मेरे इश्क की रहसाई होगी

मैं तुमसे लिपट कर रोऊगा जब तुम्हारी विदाई होगी

लेकिन तुम्हारे जाने के बाद हम तुम्हारा इंतजार नहीं करेंगे

मेरी जान फिर हम किसी से इतना प्यार नहीं करेंगे ..२ 

Muge dulhe ki sharvani or oska sehra dekhna hai 

Jisne mere mohhbath chini oska chehra dekhna hai 

Tumhari khushi k lea mai osk sath nachunga

Mera vada hai mai tumhari barath mai nachunga 

Oska hath pkd kre tumhare haatho mai dunga 

Es se bdker mai or kya tumko thohfa dunga 

Jb tumhara ishq mukkamle or mere ishq ki rhsai hogi 

Mai thum se liptker rahunga jb tumhari vidai hogi 

Lekin tumhare jane k baad tumhara intezar nhi krenge 

Mere jaan fir hm kise se itna pyar nhi krenge.

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